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सर्दियों में खजूर क्यों खाना चाहिए - सर्दियों में खजूर कैसे खाएं

  अक्सर लोग पूछते हैं कि सर्दियों  में खजूर क्यों खाना चाहिए। दरअसल खजूर की तासीर गर्म होती है, जो ठंड के मौसम में शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करती है। वैज्ञानिक तौर पर खजूर में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और मिनरल्स शरीर को तुरंत एनर्जी देते हैं। यही वजह है कि सर्दियों में खजूर खाने से ठंड कम लगती है और कमजोरी महसूस नहीं होती।  सर्दियों का मौसम आते ही शरीर को ज्यादा गर्माहट और एनर्जी की जरूरत महसूस होने लगती है। ठंड में जल्दी थकान होना, हाथ-पैर ठंडे रहना या कमजोरी लगना आम बात है। ऐसे में खजूर एक ऐसा ड्राई फ्रूट है, जो बिना किसी दवा के शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। खजूर में नेचुरल शुगर, आयरन, फाइबर और जरूरी मिनरल्स होते हैं, जो सर्दियों में शरीर को एक्टिव रखते हैं।  खजूर खाने के फायदे सिर्फ एनर्जी तक सीमित नहीं हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या से राहत देता है। आयरन खून की कमी को दूर करने में मदद करता है। साथ ही खजूर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स सर्दियों में होने वाले इंफेक्शन से शरीर की सुरक्षा करते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते...

किस विटामिन की कमी से शरीर में होने लगती है नसों की बीमारी? इसके लिए कौन सी दाल खाएं ?

  किस विटामिन की कमी से हो सकती है नसों की बीमारी नसों यानी तंत्रिकाओं से जुड़ी बीमारियों के पीछे कई बार विटामिन बी 12 की कमी हो सकती है। दरअसल, विटामिन बी12 तंत्रिकाओं की कोशिकाओं के लिए बेहद जरूरी है, जो तंत्रिकाओं को डैमेज होने से बचाती है और साथ ही डैमेज हुई तंत्रिकाओं को फिर से जल्द से जल्द रिपेयर होने में मदद करती है। अगर शरीर में विटामिन बी12 की कमी हो गई है, तो शरीर तंत्रिका तंत्र यानी नर्वस सिस्टम में हो रहे डैमेज को रिपेयर प्रभावी रूप से नहीं कर पाता है और यहां तक कि कई बार स्थायी क्षति भी हो जाती है। इसके कारण तंत्रिका तंत्र से जुड़े रोग जैसे पेरिफरल न्यूरोपैथी, याददाश्त से जुड़ी समस्याएं और साइकोसिस। इसके अलावा विटामिन बी12 की कमी के कारण एनीमिया जैसी समस्याएं होने का खतरा भी बढ़ जाता है। समय पर सही खाद्य पदार्थों का सेवन करना हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। खाना सिर्फ भूख मिटाने के लिए नहीं होता है, बल्कि इससे मौजूद पोषक तत्व जो हमारे शरीर को मिलते हैं वे सबसे जरूरी होते हैं। इसलिए डॉक्टर हमेशा अच्छे और हेल्दी खाद्य पदार्थों का सेवन की सलाह देते ...

प्राकृतिक भोजन औषधि के रूप में - आहार विशेषज्ञ -सुबह जैन-- Natural Food as medicine - Dietitian Subah Jain

  सुबह जैन एक यूट्यूबर और सात्विक मूवमेंट की  संस्थापक हैं, जो एक गैर-लाभकारी संगठन है जो वेदों और शास्त्रों से स्वास्थ्य के बारे में शिक्षा प्रदान करता है।सुबह जैन   के अनुसार, जब वह 17 साल की थीं, तब उन्हें पीसीओएस, हाइपोथायरायडिज्म और अत्यधिक बाल झड़ने की समस्या थी। उनकी मुलाक़ात आचार्य मोहन गुप्ता से हुई, जिन्होंने उनके खान-पान और जीवनशैली में बदलाव किया। उन्होंने सिर्फ़ वनस्पति-आधारित भोजन ही अपनाया, जिससे उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ दूर हो गईं। यही बात उन्हें प्रकृति के करीब आने के लिए प्रेरित करती रही। सुबह हमेशा से लोगों को कच्चे खाने के स्वास्थ्य लाभों के बारे में शिक्षित करना चाहती थीं। 2018 में, सुबह ने लिविंग लाइट कलिनरी इंस्टीट्यूट में जाकर सीखा कि कैसे स्वस्थ भोजन को स्वादिष्ट बनाया जाए और बिना चीनी, बिना गेहूँ और बिना किसी डेयरी उत्पाद के, केवल प्रकृति से प्राप्त ताज़ी, साबुत सामग्री का उपयोग करके स्वादिष्ट कच्चे शाकाहारी व्यंजन बनाए जाएँ। उनका पहला कच्चा शाकाहारी व्यंजन काजू और काली मिर्च की प्यूरी के साथ लाल चुकंदर रैवियोली था।प्रस्तुत वीडियो...