सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

body लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

जीवन को जैसा है, वैसा अपनाने की कला

उपरोक्त वीडियो बेथ केम्पटन की Wabi Sabi केवल जापानी दर्शन पर लिखी गई पुस्तक पर नहीं है; यह आधुनिक मनुष्य को अपने जीवन को देखने का एक नया चश्मा देती है। लेखिका वाबी-साबी को किसी जटिल दार्शनिक सिद्धांत या जापानी संस्कृति की दूर की अवधारणा बनाकर प्रस्तुत नहीं करतीं। उनकी दृष्टि में यह एक ऐसी जीवन-दृष्टि है जिसे हम अपने रोज़मर्रा के जीवन, संबंधों, काम, घर, प्रकृति और स्वयं के प्रति अपने व्यवहार में उतार सकते हैं। केम्पटन का लेखकीय दृष्टिकोण मूलतः स्वीकार करने की कला पर आधारित है। आधुनिक जीवन में हम लगातार अपने अनुभवों को सुधारने, परिस्थितियों को नियंत्रित करने और स्वयं को बेहतर बनाने में लगे रहते हैं। हमें लगता है कि जब सब कुछ हमारी इच्छा के अनुरूप हो जाएगा, तभी हमें संतोष मिलेगा। लेकिन लेखिका इस धारणा पर प्रश्न उठाती हैं। उनके लिए जीवन की सुंदरता उसकी पूर्णता में नहीं, बल्कि उसकी अपूर्णता, परिवर्तनशीलता और अनिश्चितता में भी मौजूद है। यही वह बिंदु है जहाँ बेथ केम्पटन की लेखन-दृष्टि विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाती है। वह पाठक को यह नहीं समझातीं कि जीवन की कठिनाइयों को नज़रअंदाज़ कर सकारात...

सिर्फ 7 दिन सोशल मीडिया छोड़ने से 24 प्रतिशत तक कम हो जाता है डिप्रेशन, चौंका देगी यह रिपोर्ट

  हाल ही में छपी एक रिसर्च ने इन चिंताओं को और भी पुख्ता कर दिया. अध्ययन में पाया गया कि सिर्फ सात दिन सोशल मीडिया से दूर रहने पर युवा लोगों में डिप्रेशन के लक्षण 24 प्रतिशत तक कम हो गए. आज के डिजिटल जमाने में सोशल मीडिया हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है. सुबह उठने से लेकर रात सोने तक हम अक्सर मोबाइल स्क्रीन में ही खोए रहते हैं. कभी रील्स देखते हुए, कभी पोस्ट लाइक करते हुए और कभी बिना किसी वजह बस स्क्रॉल करते हुए. जितना हम सोचते हैं कि सोशल मीडिया हमें रिलैक्स करता है, असल में इसका ज्यादा यूज हमारी मानसिक सेहत पर भारी पड़ सकता है.  हाल ही में छपी एक रिसर्च ने इन चिंताओं को और भी पुख्ता कर दिया. अध्ययन में पाया गया कि सिर्फ सात दिन सोशल मीडिया से दूर रहने पर युवा लोगों में डिप्रेशन के लक्षण 24 प्रतिशत तक कम हो गए. यही नहीं, एंग्जायटी 16.1 प्रतिशत कम हुई और नींद से जुड़े विकार जैसे इंसोम्निया में भी लगभग 14.5 प्रतिशत तक सुधार देखा गया. ऐसे में अगर आप भी महसूस करते हैं कि सोशल मीडिया आपको थका रहा है या आपकी नींद पर असर डालता है तो एक बार 7 दिन का सोशल मीडिया डिटॉक्स ...