इस वीडियो में ओशो ने बताया है कि हमारे पाचन तंत्र को हमारा मन किस प्रकार प्रभावित करता है। डर, चिंता, तनाव और निराशा हमारी गट हेल्थ (पेट की सेहत) पर कैसे असर डालते हैं, अब मॉडर्न मेडिकल साइंस ने दिमाग और पाचन तंत्र के बीच एक खास कनेक्शन का पता लगाया है, जिसे अक्सर **गट-ब्रेन एक्सिस** कहा जाता है। यह दोतरफा कम्युनिकेशन नेटवर्क बताता है कि हमारी भावनाएं सीधे हमारी पाचन सेहत पर कैसे असर डालती हैं। डर, लगातार चिंता, लंबे समय तक रहने वाला तनाव और निराशा सिर्फ़ दिमाग तक ही सीमित नहीं रहते—ये शरीर में कई तरह के बदलाव लाते हैं जो पेट और आंतों पर गहरा असर डाल सकते हैं। जब कोई व्यक्ति डर या तनाव महसूस करता है, तो शरीर अपना "फाइट-ऑर-फ्लाइट" (लड़ो या भागो) रिस्पॉन्स एक्टिवेट करता है। कोर्टिसोल और एड्रेनालाईन जैसे स्ट्रेस हार्मोन खून में रिलीज होते हैं। हालांकि यह रिस्पॉन्स इमरजेंसी के समय मददगार होता है, लेकिन लंबे समय तक एक्टिव रहने से सामान्य पाचन प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है। पाचन अंगों से खून का बहाव मांसपेशियों और दिमाग की तरफ मुड़ जाता है, जिससे पाचन धीमा हो जाता है...
जीवन एक अवसर है - जीवन आनंद है - तो जीवन दुख भी है - जीवन सफलता है - जीवन संघर्ष भी है - जीवन स्वर्ग है - तो जीवन नर्क भी है - हमें मिला सबसे बड़ा वरदान है - "स्वतंत्रता" - अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता - यह स्वतंत्रता एक बड़ी जिम्मेदारी लाती है - हम इस स्वतंत्रता से कैसे अपने जीवन को बदलते हैं - यह स्वयं के रूपान्तरण के बारे में है -"आपमें जो भी से सर्वश्रेष्ठ गुण हैं , अन्वेषण करने के लिए -