इस वीडियो में स्वास्थ्य संबंधी - पाचन में समस्या पर एक महत्र्वपूर्ण जानकारी दी गयी है- भोजन के तुरंत बाद अपनायें ये ५ आयुर्वेदिक नियम आयुर्वेदिक ग्रन्थ ‘अष्टांग हृदयम्’ : एक परिचयात्मक लेख अष्टांग हृदयम् आयुर्वेद का एक संक्षिप्त, सुव्यवस्थित और व्यावहारिक ग्रन्थ है, जिसने आयुर्वेद को जनसुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आधुनिक काल में भी इसके सिद्धांत और उपचार पद्धतियाँ प्रासंगिक हैं और समग्र स्वास्थ्य की दृष्टि से मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। आयुर्वेद के प्राचीन एवं प्रमाणिक ग्रन्थों में अष्टांग हृदयम् का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह ग्रन्थ आयुर्वेद के महान आचार्य वाग्भट द्वारा रचित माना जाता है। आयुर्वेद के तीन प्रमुख ग्रन्थ— चरक संहिता , सुश्रुत संहिता और अष्टांग हृदयम् —को आयुर्वेद की त्रयी कहा जाता है। इनमें अष्टांग हृदयम् अपनी सरल भाषा, सूत्रात्मक शैली और व्यावहारिक उपयोगिता के कारण विशेष रूप से लोकप्रिय रहा है। अष्टांग हृदयम् का मुख्य उद्देश्य आयुर्वेद के सिद्धांतों और चिकित्सा पद्धतियों को संक्षिप्त, स्पष्ट और सुबोध रूप में प्...
जीवन एक अवसर है - जीवन आनंद है - तो जीवन दुख भी है - जीवन सफलता है - जीवन संघर्ष भी है - जीवन स्वर्ग है - तो जीवन नर्क भी है - हमें मिला सबसे बड़ा वरदान है - "स्वतंत्रता" - अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता - यह स्वतंत्रता एक बड़ी जिम्मेदारी लाती है - हम इस स्वतंत्रता से कैसे अपने जीवन को बदलते हैं - यह स्वयं के रूपान्तरण के बारे में है -"आपमें जो भी से सर्वश्रेष्ठ गुण हैं , अन्वेषण करने के लिए -