ताई ची (Tai Chi) चीन की एक प्राचीन शारीरिक एवं मानसिक अभ्यास-पद्धति है, जिसकी जड़ें पारंपरिक चीनी मार्शल आर्ट और चीनी दर्शन में हैं। इसे सामान्यतः धीमी, नियंत्रित और निरंतर गतियों , गहरी साँसों तथा मानसिक एकाग्रता के संयोजन के रूप में किया जाता है। आज ताई ची का अभ्यास केवल मार्शल आर्ट के रूप में नहीं, बल्कि शारीरिक फिटनेस, संतुलन, तनाव कम करने और मानसिक शांति के लिए भी किया जाता है। ताई ची में शरीर को अचानक या तेज गति से नहीं चलाया जाता। इसकी अधिकांश मुद्राएँ धीरे-धीरे एक मुद्रा से दूसरी मुद्रा में प्रवाहित होती हैं। अभ्यास के दौरान व्यक्ति अपने शरीर की स्थिति, साँस और गति पर ध्यान केंद्रित करता है। यही कारण है कि इसे कभी-कभी “चलता हुआ ध्यान” (Moving Meditation) भी कहा जाता है। ताई ची की सरल और धीमी गतियाँ अक्सर आसानी से सीखी जा सकती हैं।शरीर और मन के बीच समन्वय इसका महत्वपूर्ण आधार है। ताई ची के अभ्यास में सामान्यतः पैर जमीन पर स्थिर रखे जाते हैं और शरीर का भार एक पैर से दूसरे पैर पर नियंत्रित तरीके से स्थानांतरित किया जाता है। हाथों और भुजाओं की गोलाकार एवं प्रवाहपूर्ण गतियाँ...
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