'द ब्रेन दैट चेंजेज इटसेल्फ' का सार। यह वीडियो न्यूरोप्लास्टिसिटी की अद्भुत शक्ति को उजागर करता है, जो दिमाग को किसी भी उम्र में रिप्रोग्राम करने की क्षमता प्रदान करती है। वैज्ञानिक सिद्धांतों और प्रेरक कहानियों के माध्यम से जानें कि कैसे आदतों को बदलकर नई मानसिक वायरिंग विकसित की जा सकती है। ‘The Brain That Changes Itself’ न्यूरोसाइंटिस्ट और मनोचिकित्सक नॉर्मन डॉइज की प्रसिद्ध पुस्तक है। इस पुस्तक का मुख्य विचार है कि मानव मस्तिष्क स्थिर और अपरिवर्तनीय नहीं है, बल्कि अनुभव, अभ्यास, सीखने और वातावरण के अनुसार स्वयं को बदल सकता है। इस क्षमता को न्यूरोप्लास्टिसिटी (Neuroplasticity) कहा जाता है। लंबे समय तक वैज्ञानिकों का मानना था कि वयस्क मस्तिष्क की संरचना लगभग निश्चित होती है और यदि मस्तिष्क का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाए तो उसकी क्षमताएँ स्थायी रूप से समाप्त हो जाती हैं। डॉइज अपनी पुस्तक में अनेक वास्तविक मरीजों और वैज्ञानिक प्रयोगों के माध्यम से बताते हैं कि यह धारणा अधूरी थी। मस्तिष्क में नई तंत्रिका-सम्बन्धी संरचनाएँ और रास्ते विकसित हो सकते हैं तथा मस्तिष्क के दूसर...
जीवन एक अवसर है - जीवन आनंद है - तो जीवन दुख भी है - जीवन सफलता है - जीवन संघर्ष भी है - जीवन स्वर्ग है - तो जीवन नर्क भी है - हमें मिला सबसे बड़ा वरदान है - "स्वतंत्रता" - अपनी इच्छा के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता - यह स्वतंत्रता एक बड़ी जिम्मेदारी लाती है - हम इस स्वतंत्रता से कैसे अपने जीवन को बदलते हैं - यह स्वयं के रूपान्तरण के बारे में है -"आपमें जो भी से सर्वश्रेष्ठ गुण हैं , अन्वेषण करने के लिए -